हमारी सेवाएँ

कथा, ज्योतिष एवं वैदिक अनुष्ठान

छह प्रमुख सेवा श्रेणियाँ — श्रीमद्भागवत कथा, श्री राम कथा एवं देवी भागवत, जन्म कुंडली, नवग्रह शांति, यज्ञ-अनुष्ठान तथा त्रिपिंडी श्राद्ध। प्रत्येक आयोजन शास्त्रोक्त विधि एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न कराया जाता है।

घर, मंदिर या सभागार

श्रीमद्भागवत कथा

श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ। कथा की गति ऐसी रखी जाती है कि परिवार के सभी सदस्य — बच्चे से लेकर वृद्धजन तक — पूरी कथा में सहज बैठ सकें। तिथि, स्थान एवं व्यवस्था की योजना पहले से साझा की जाती है।

  • तिथि एवं आयोजन की योजना
  • व्यास पीठ एवं बैठक व्यवस्था के निर्देश
  • दैनिक कथा एवं आरती
  • पूर्णाहुति एवं प्रसाद व्यवस्था

1–7 दिवस

यह सेवा बुक करें

घर, मंदिर या सभागार

श्री राम कथा एवं देवी भागवत

श्री राम कथा एवं देवी भागवत कथा का सम्पूर्ण आयोजन। प्रसंग सरल भाषा में कहे जाते हैं ताकि श्रद्धालु कथा के भाव से जुड़ सकें। आयोजन की अवधि, तिथि एवं व्यवस्था परिवार अथवा समिति की सुविधा अनुसार निर्धारित की जाती है।

  • श्री राम कथा
  • देवी भागवत कथा
  • दैनिक पाठ एवं आरती
  • आयोजन की पूर्ण व्यवस्था का मार्गदर्शन

1–9 दिवस

यह सेवा बुक करें

प्रत्यक्ष अथवा दूरभाष

जन्म कुंडली एवं ज्योतिषीय परामर्श

जन्म विवरण के आधार पर कुंडली निर्माण एवं उसका शास्त्रीय अध्ययन। ग्रह स्थिति, दशा एवं गोचर के आधार पर ज्योतिषीय मार्गदर्शन दिया जाता है — भय उत्पन्न किए बिना, आत्मचिंतन एवं सकारात्मक दिशा की दृष्टि से।

  • जन्म कुंडली निर्माण
  • कुंडली का ज्योतिषीय अध्ययन
  • ग्रह दशा एवं गोचर विचार
  • ग्रहों से संबंधित मार्गदर्शन

परामर्श आधारित

यह सेवा बुक करें

घर अथवा मंदिर

नवग्रह एवं ग्रह शांति पूजा

कुंडली के ग्रह योग के अनुसार नवग्रह शांति, ग्रह शांति एवं मंगल दोष शांति पूजा। पूजा से पूर्व सामग्री एवं विधि की सूची साझा की जाती है, तथा संकल्प यजमान के नाम-गोत्र से कराया जाता है।

  • नवग्रह शांति
  • ग्रह शांति पूजा
  • मंगल दोष शांति पूजा
  • सामग्री सूची एवं संकल्प

पूजा अनुसार

यह सेवा बुक करें

घर, मंदिर या स्थल पर

यज्ञ, अनुष्ठान एवं भूमि पूजन

यज्ञ एवं वैदिक अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान के साथ। नवीन भवन अथवा भूमि हेतु भूमि पूजन, तथा परिवार के मांगलिक अवसरों पर धार्मिक अनुष्ठान। मंत्रोच्चार एवं आहुति की परंपरागत विधि का पालन किया जाता है।

  • यज्ञ एवं हवन
  • भूमि पूजन
  • धार्मिक एवं मांगलिक अनुष्ठान
  • सामग्री एवं विधि का पूर्व निर्देश

अनुष्ठान अनुसार

यह सेवा बुक करें

मंदिर अथवा तीर्थ स्थल

त्रिपिंडी श्राद्ध एवं महामृत्युंजय जाप

पितृ दोष निवारण हेतु त्रिपिंडी श्राद्ध तथा आरोग्य एवं दीर्घायु हेतु महामृत्युंजय मंत्र जाप। दोनों अनुष्ठान संकल्प, जप संख्या एवं हवन की परंपरागत विधि के अनुसार सम्पन्न कराए जाते हैं।

  • त्रिपिंडी श्राद्ध
  • महामृत्युंजय जाप
  • संकल्प एवं जप संख्या का निर्धारण
  • पूर्णाहुति एवं हवन

अनुष्ठान अनुसार

यह सेवा बुक करें