सुलतानपुर से लगभग 930 किमी
अजमेर में कथा एवं पूजा हेतु पंडित जी
अजमेर पुष्कर के निकट है, और यहाँ से आने वाले अनेक निवेदन वस्तुतः पुष्कर सरोवर पर किए जाने वाले कर्म से संबंधित होते हैं — तर्पण, श्राद्ध अथवा तीर्थ पर लिया गया संकल्प — जबकि परिवार अजमेर में ठहरता है।
ऐसी स्थिति में यह आरंभ में ही बता देना उचित है, क्योंकि तब तिथि घर के लिए नहीं, तीर्थ के लिए चुनी जाती है, और दोनों का चयन पूर्णतः भिन्न रीति से होता है। घर का कर्म परिवार की सुविधा हेतु एक दिन इधर-उधर हो सकता है; तीर्थ का कर्म प्रायः नहीं।
प्रथम संदेश में ही बता दें कि दोनों में से कौन सा है। जो सामग्री स्थानीय रूप से सुलभ हो वह साथ ले जाने के स्थान पर अजमेर में ही एकत्र करने हेतु छोड़ी जाती है, और सूची उतनी पूर्व भेज दी जाती है।
अजमेर में प्रायः आयोजित

श्रीमद्भागवत कथा
सप्ताहिक अथवा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा — घर, मंदिर एवं सामुदायिक सभागार में शास्त्रोक्त विधि से।

त्रिपिंडी श्राद्ध एवं महामृत्युंजय जाप
त्रिपिंडी श्राद्ध तथा महामृत्युंजय मंत्र जाप — पितृ एवं आरोग्य से संबंधित अनुष्ठान।

नवग्रह एवं ग्रह शांति पूजा
नवग्रह शांति, ग्रह शांति पूजा एवं मंगल दोष शांति पूजा — शास्त्रोक्त विधि एवं मंत्र-जप के साथ।