सुलतानपुर से लगभग 90 किमी
अयोध्या में राम कथा एवं पूजा हेतु पंडित जी
अयोध्या सुलतानपुर से लगभग 90 किमी है — इतना निकट कि पूजा अथवा एक दिवसीय अनुष्ठान उसी दिन संपन्न कर लौटा जा सकता है, और कथा हेतु केवल तिथियाँ सुरक्षित करनी होती हैं, दीर्घ निवास की व्यवस्था नहीं।
अयोध्या से आने वाले निवेदन अन्य कहीं की तुलना में श्री राम कथा की ओर अधिक झुके होते हैं, जिससे योजना बदल जाती है — राम कथा स्कंध से नहीं, प्रसंग से चलती है, अतः दिनों की संख्या इस बात से निश्चित होती है कि परिवार कथा का विश्राम कहाँ चाहता है। यहाँ से अनेक निवेदन सरयू पर किए जाने वाले कर्म से भी संबंधित होते हैं — तर्पण अथवा घाट पर लिया गया संकल्प — जबकि परिवार नगर में ठहरता है। ऐसी स्थिति में यह आरंभ में ही बता देना उचित है, क्योंकि तब तिथि घर के लिए नहीं, घाट के लिए चुनी जाती है।
यात्रा सड़क मार्ग से होती है और इसकी व्यवस्था यहीं से की जाती है। राम नवमी तथा सावन एवं कार्तिक मास में नगर भर जाता है और तिथियाँ तथा आवास दोनों शीघ्र समाप्त हो जाते हैं, अतः उन सप्ताहों की कथा हेतु दिनों नहीं, मासों पूर्व पूछ लेना चाहिए।
अयोध्या में प्रायः आयोजित

श्री राम कथा एवं देवी भागवत
श्री राम कथा तथा देवी भागवत कथा का आयोजन — पारिवारिक आयोजन से लेकर मंदिर एवं सामुदायिक कार्यक्रमों तक।

श्रीमद्भागवत कथा
सप्ताहिक अथवा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा — घर, मंदिर एवं सामुदायिक सभागार में शास्त्रोक्त विधि से।

यज्ञ, अनुष्ठान एवं भूमि पूजन
यज्ञ एवं वैदिक अनुष्ठान, भूमि पूजन तथा धार्मिक एवं मांगलिक अनुष्ठान।